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Uttarpradesh: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल निरीक्षण

Uttarpradesh: देवेंद्र कुशवाह: माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली, उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मऊ श्री रामेश्वर महोदय के मार्गदर्शन में आज दिनांकः 30.03.2022 को दोपहर लगभग 12.00 बजे जिला कारागार मऊ के बन्दीगण द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना पत्रों पर जेल ई-लोक अदालत के माध्यम से वर्चुअल सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट,

मऊ द्वारा नामित मजिस्ट्रेट श्री शैलेष कुमार सिंह, न्यायिक मजिस्टेªट/सिविल जज जूनियर डिवीजन, मऊ द्वारा किया गया। वचुर्अल सुनवाई के दौरान एक प्रार्थना पत्र विकास डोम पुत्र रामजी, निवासी ग्राम-महुली, थाना-मुफस्सिल, जिला-भोजपुर (आरा) बिहार अपराध संख्या-299/21 वाद संख्या-2324/21 धारा-379,411 आई0पी0सी0 थाना- कोतवाली, जनपद-मऊ का प्रस्तुत किया गया। बन्दी द्वारा किये गये अपराध तथा तथ्य एवं परिस्थितियों को देखते हुए मामले का निस्तारण न्यायिक मजिस्टेªट द्वारा किया गया।
आज दिनांक 30.03.2022 को राजकीय बाल गृह बालिका,

निधरिया, जनपद बलिया का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वर्चुअल निरीक्षण सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा द्वारा किया गया। बाल गृह बालिका की अधीक्षिका माधुरी श्रीवास्तव से पूछ ताछ में उनके द्वारा बताया गया कि बाल गृह बालिका में 82 किशोरियां अलग-अलग 11 जनपदं गोरखपुर, गाजीपुर, मऊ, महराजगंज, कुशीनगर, बलिया, चन्दौली, वाराणसी, देवरिया, आजमगढ़ एवं जौनपुर की से हैं। अधीक्षिका से पूछ ताछ में उनके द्वारा बताया गया

कि सी0डब्लू0सी0 के अधिकारी बाल गृह बालिका का निरीक्षण करने आते रहते हैं। जनपद मऊ के किशोरियों के सम्बंध में पूछ जाने पर उनके द्वारा बताया गया जनपद-मऊ की 05 किशोरिया सोनी गोड़, रोमा साहनी, रिया राजभर, पूजा राजभर एवं जयोति रह रही हैं। किशोरियों से पूछ ताछ में उनके द्वारा किसी प्रकार की शिकायत नहीं की गयी।
पूछ ताछ में अधीक्षिका द्वारा बताया गया कि बाल गृह बालिका के संचालन हेतु समय समय पर बजट शासन से आता रहता है। किशोरियों का भोजन स्टाफ की देखरेख में तैयार किया जाता है। किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं है।

विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव द्वारा अधीक्षिका को रसोईघर, बाथरूम एवं किशोरियों के कमरों की साफ सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाय। किशोरियों के कपड़ों के बारें में पूछने पर उनके द्वारा बताया गया कि किशोरियों को साल में चार सेट सूती कपड़ें सिलवाकर दिया जाता है। उनके द्वारा बताया गया कि आज भोजन में-सुबह नास्ते में पराठा,चाय दिया गया था। दोपहर लंच में-चावल, दाल, रोटी, आलू-बोरों की सब्जी, सलाद दिया जायेगा। अधीक्षिका द्वारा बताया गया कि दिन में 01 बजे तथा रात 08 बजे खाना किशोरियों को दिया जाता हैं । पूछ ताछ में अधीक्षिका द्वारा बताया गया कि सम्प्रेक्षण गृह में किशोरियों की देखरेख हेतु 21 पद की स्वीकृति है, जिसके सापेक्ष 03 महिलाएं तथा 02 पुरुष कार्यरत हैं ।

इसके अतिरिक्त 01 महिला एवं 01 पुरुष किशोर न्याय बोर्ड से सम्बद्ध हैं। इसके अतिरिक्त 06 महिला तथा 06 पुरुष होमगार्ड सुरक्षा हेतु लगाये गये हैं। अधीक्षिका द्वारा बताया गया कि बाल संप्रेक्षण गृह के रिकॉर्ड का रखरखाव राधिका यादव, आउट रिच के द्वारा किया जाता है। सचिव के पूछ ताछ में अधीक्षिका द्वारा बताया गया कि किशोरियों के साथ 11 नवजात छोटे-छोटे बच्चें है। जनपद मऊ की किशोरियों के साथ कोई बच्चा नहीं है। अधीक्षिका द्वारा बताया गया कि राजकीय बाल गृह बालिका के किशोरियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा इलाज हेतु जिला चिकित्सालय, बलिया से डॉक्टर आते रहते हैं। दवा इलाज की कोई परेशानी नहीं होती है।

विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव कुंवर मित्रेश सिंह कुशवाहा द्वारा अधीक्षिका को निर्देश दिया गया कि किशोरियों के खेलने हेतु कैरम बोर्ड, मनोरंजन हेतु संगीत, मास्क, सैनिटाइजर तथा मीनू के अनुसार भोजन, दवा इलाज समय से कराने, बाहरी व्यक्तियों के आने और जाने का पूर्ण विवरण समय सहित नोट किया जाय तथा सी0सी0टी0बी0 कैमरा बराबर चालू हालत में रखा जाय। किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उसकी सूचना तुरंत देने हेतु अधीक्षिका को निर्देश दिया गया।

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