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शिक्षक Santosh Das Manikpuri को राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया

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नगरी सिहावा: कभी कभी सँयोग और सहयोग ऐसा बन जाता है कि अपने कार्य क्षेत्र के माध्यम से ब्यक्ति दुनियां में अपनी एक अलग पहचान बना लेता है। चाहे वह किसी भी क्षेत्र विशेष में ही क्यों न होँ पर इस सम्मान से वे अपनी जाति, अपने परिवार, अपने समाज ,अपने गाँव और राज्य के साथ देश का नाम जरूर रोशन करता है। ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला..ग्राम डोमपदर बेलरगाँव तहसील नगरी जिला धमतरी (छ. ग.)में जन्मे शिक्षक श्री सँतोष दास मानिकपुरी (Santosh Das Manikpuri) को जो वर्तमान में दँतेवाडा़ जिले के गीदम विकास खंड में शिक्षक के साथ साथ समाज सेवा (रक्तदाता) करने के रूप में अपनी कीर्तिमान स्थापित की है।

विगत दिनों भारतीय दलित साहित्य अकादमी नई दिल्ली द्वाराआयोजित एक राष्ट्रीय भव्य कार्यक्रम (जहाँ देश के कोने कोने से आये आवार्डी के अलावा अन्य देशों से आये हुए प्रतिष्ठित लोगों के बीच )में कला प्रतिभा के धनी, मिलनसार,ब्यक्तित्व के धनी, समाज के प्रतिष्ठित, चिरपरीचितऔर समाजसेवी (रक्तदाता) के लिए अपनी पहचान बनाने वाले गीदम दँतेवाडा़ के शिक्षक श्री सँतोष दास मानिकपुरी को राष्ट्रीय अवार्ड से सम्मानित किया गया।

अपनी लोककला, संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरते हुए दँतेवाडा़ जिले में शिक्षा की अलख जगाने के साथ -साथ समाज सेवा (गरीबों, जरूरतमँदोँ को रक्तदान करने) के कार्य के लिए समर्पित श्री सँतोष दास मानिकपुरी जी(शिक्षक)को भारतीय दलित साहित्य अकादमी नई दिल्ली द्वारा “महात्मा ज्योतिबा फूले राष्ट्रीय अवार्ड” से सम्मानित किया गया।
यह मानिकपुरी पनिका समाज के साथ साथ संपूर्ण बेलरगाँव नगरी(धमतरी) क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।

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