छत्तीसगढ़राष्ट्रीय

संत शिरोमणि Supal Bhagat जी का जयंतीमनाई गई

सर्व कंडरा आदिवासी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष हरि शंकर बांसवार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कहा कि प्रति वर्ष 17 अप्रैल को संत शिरोमणि सुपक्ष सुपल भगत Supal Bhagat जी की जयंती मनायी जाती हैं। सर्व कंडरा आदिवासी समाज का पुरातन काल से कांकेर के रहवासी रहे है ।

हमारे समाज के पूर्वज ये बताते हैं कि वहाँ हमारे समाज के कंडरा राजा धरम देव हुआ करते थे और वह बहुत ही शक्तिशाली बहुशाली व धर्म प्रेमी हुआ करते थे नित प्रतिदिन पूजा कुलदेवी माँ शीतला देवी राजीव लोचन जी जगन्नाथ भगवान की पूजा अर्चना करते थे । एक समय जब राजीव लोचन भगवान की महत्ता चारों दिशाओं में बहने लगी उस राजिम तेलिन राजीव लोचन भगवान की अनन्य भक्त थी ।

आज भी प्रमाणित होता वहाँ गढ़िया पहाड़ पर हमारी समाज की कुल देवी माँ शीतला का मन्दिर व पहाड़ी के ऊपर स्थित 2 तालाब ( सोनई- रूपई ) स्थापित है । सम्भवतः 1005 वर्षों पूर्व कांकेर के राजा धर्मदेव हुआ करते थे जो कंडरा राजा हुआ करता था राजा के 2 लड़की थी सोनई और रूपई थी । राजा धरमदेव के इष्टदेव गढ़िया देव अर्थात भगवान शिव को ही गढ़िया देव कहा जाता है।

कंडरा समाज का उल्लेख पुराने श्रीमद्भागवत के छेपक कथा में उल्लेख है । महाभारत में भी है जब महाराज द्रुपद राजसूय यज्ञ करवाते है वहाँ पर भी उल्लेख है । हमारे कंडरा समाज के आराध्य देव गढ़िया देव का प्रति वर्ष चैत्र नवरात्र में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा कई करोड़ रुपये खर्च करके गढ़िया महोत्सव मनाया जाता है।

कंडरा समाज का आज भी पुस्तैनी व पारंपरिक कार्य बॉस से टुकना सूपा बिजना पर्रि पर्रा सुपली झांपी वगैरह वगैरह और तो और संसार मे मांगलिक कार्य बच्चे का जन्म समय , शादी , पूजा- पाठ हो या अमांगलिक कार्य काठी भी बिना बांस के अर्थी नहीं निकाला जाता हैं ।

सर्व कंडरा आदिवासी महासभा छत्तीसगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ के यशस्वी माटी पुत्र किसान बेटा श्री भूपेश बघेल जी से कंडरा समाज द्वारा आज अपने संत शिरोमणि सुपल भगत जयंती पर आग्रह व मांग करती है कि अन्य समाज की उत्थान वगैरह वगैरह के लिए बोर्ड का गठन किया गया है उसी प्रकार हमारे कंडरा समाज का भी एक बोर्ड “बांस कर्मकार कल्याण बोर्ड ” बनाने की आग्रह व मांग करती हैं चूंकि हमारे समाज का पुरातन काल से ही यह कार्य किया जा रहा है और आज भी कर रहे हैं जबकि आज हमारे सामाजिक बंधुओं को शासन द्वारा अधिकृत 1500 नग प्रति वर्ष प्रति कार्ड में मिलने का प्रावधान है जो अब नगण्य होते जा रहा है और हमारी संस्कृति परंपरा विलुप्त होती जा रही हैं ।

आप छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री हो और किसान माटी पुत्र हो आप जानते हो सभी समाज व छत्तीसगढ़ की संस्कृति परंपरा त्योहार को जीवित रखे हो हम सब आपके आभारी हैं । अतः हमारे छत्तीसगढ़िया मुख्यमंत्री भूपेश कका हम और हमारे समाज कंडरा आदिवासी कोसारिया समाज राजिम राज को आपके ऊपर आशा नही परन्तु सम्पूर्ण विश्वास है कि आप हमारी मांग “बांस कर्मकार कल्याण बोर्ड ” बनाने पर तथा हम सबकी समाज की बातों पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे ।

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