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आज देश भर में रिलीज़ हुई सम्राट Prithviraj

‘सम्राट पृथ्वीराज'(Prithviraj) के असली हीरो निर्देशक डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी हैं। डॉ. चंद्रप्रकाश ने फिल्म को इतनी सादगी और खूबसूरती से सजाया है, कि पृथ्वीराज से जुड़ी इतिहास की एक- एक चीज आपको स्पष्ट रूप से समझ आएगी।

फिल्म की सबसे खास बात ये है कि आपको इसमें ‘जोधा अकबर’, ‘बाजीराव मस्तानी’, ‘बाहुबली सीरीज’ और ‘तान्हाजी’ जैसे विशाल और भव्य सेट नहीं दिखाई देंगे बावजूद इसके फिल्म अपनी एक अलग छाप छोड़ जाएगी। वहीं निर्देशन डॉ. चंद्रप्रकाश ने अपने किरदारों से शानदार काम करवाया है। फिल्म में अक्षय कुमार के साथ मानुषी छिल्लर, संजय दत्त, सोनू सूद, आशुतोष राणा, साक्षी तंवर भी अहम किरदार में हैं। फिल्म आज यानी 3 जून शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है

कहानी: इस फिल्म की कहानी महाकाव्य पृथ्वीराज रासो पर आधारित है। इसमें सम्राट पृथ्वीराज चौहान के संपूर्ण जीवन और उनकी वीरता व संघर्ष को दिखाया गया है। साथ ही संयोगिता (मानुषी छिल्लप) के साथ उनका प्रेम भी देखने को मिलेगा। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे सम्राट पृथ्वीराज चौहान ने मुस्लिम आक्रमणकारी मोहम्मद गोरी को हराया था उसके बाद मोहम्मद गोरी ने धोखे से पृथ्वीराज और उनकी सेना पर हमला किया था।

वहीं सोनू सून, चंदबरदाई के रोल में हैं, जो सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कहानी का अहम हिस्सा हैं। वह उनके बचपन के दोस्त और राजकवि थे। वे इतने ज्ञाता थे कि उन्हें भविष्य में क्या होगा इसका आगाज पहले ही होने लगता था। वह हर मौके पर पृथ्वीराज के साथ रहते थे।

यही नहीं मुहम्मद गोरी को मारने में भी चंदबरदाई ने पृथ्वीराज चौहान की मदद की थी। पृथ्वीराज चौहान शब्दभेदी बाण चलाने में माहिर थे। फिल्म में दिखाया गया है जब सम्राट अपनी दृष्टि खो देते है और गोरी के बंदी होते है तो उस वक्त चंदबरदाई के विवरण पर ही उन्होंने गोरी को मारा था। चंदबरदाई ने पृथ्वीराज को गोरी कहां बैठा है इसका इशारा कुछ इस तरह किया, ‘चार बांंस चौबीस गज, अंगुल अष्ट प्रमान। ता ऊपर सुल्तान है, मत चूके चौहान’ यह सीन फिल्म के बेहतरीन सीन्स में से एक है

एक्टिंग: अक्षय कुमार ने सम्राट पृथ्वीराज के किरदार को दिल से जिया है। वहीं मानुषी छिल्लर ने अपनी पहली ही फिल्म से लोगों का दिल जीत लिया। इसके अलावा सोनू सूद के बिना यह फिल्म अधूरी है। साथ ही संजय दत्त, आशुतोष राणा और साक्षी तंवर ने भी ताबिले तारीफ काम किया है।

डायरेक्शन: खासतौर पर फिल्म का क्लाइमैक्स सीन गजब का है। सम्राट पृथ्वीराज और उनके दोस्त व राजकवि चंदबरदाई का मृत्यु सीन आपकी आंखो को नम कर देगा। फिल्म के विजुअल इफेक्ट्स और बैटल सीन्स शानदार हैं। आपको यह फिल्म अपने परिवार के साथ जरूर देखनी चाहिए।

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