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Rajasthan News: शादीशुदा बेटियों को अनुकंपा के आधार पर मिलेगी नौकरी

Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने की पात्रता में एक बड़ा फैसला किया है. सरकार के फैसले के मुताबिक अब एक विवाहित बेटी (married daughter) भी अपने पिता की मौत के बाद राजस्थान रोडवेज (Rajasthan Roadways) में अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए पात्र मानी जाएगी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार ने इस संबंध में राजस्थान राज्य सड़क परिवहन निगम (RSRTC) के प्रस्ताव को मंजूरी जारी कर दी है.

इससे पहले हाल में राजस्थान हाईकोर्ट (Rajasthan high court) ने अनुकंपा नियुक्ति (compassionate appointment) से जुड़े एक मामले में अहम टिप्पणी करते हुए महत्वपूर्ण निर्णय दिया था. राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि मृतक माता-पिता के आश्रित के तौर पर नौकरी देने में बेटा या बेटी के साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता है

रोडवेज से अधिकारियों ने सरकार के इस फैसले की करते हुए कहा कि इससे पहले विभाग में बेटियों को लेकर ऐसा कोई प्रावधान नहीं था. वहीं अब सरकार के इस फैसले के बाद राजस्थान रोडवेज में 35 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. रोडवेज से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक राजस्थान रोडवेज में ऐसे करीब 35 प्रस्ताव लंबे समय से नियमों में प्रावधान के अभाव में लंबित चल रहे थे. हाल में कोर्ट के आदेश के बाद रोडवेज ने ही गहलोत सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा था

हाईकोर्ट में जनवरी में एक मामले में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश पुष्पेन्द्र सिंह भाटी ने कहा कि शादीशुदा व अविवाहित बेटे-बेटियों के बीच किसी भी तरह से भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए और यह भेदभाव संविधान के आर्टिकल 14,15 व 16 का उल्लंघन है. न्यायाधीश भाटी ने आगे कहा कि बूढ़े माता-पिता की जिम्मेदारी बेटे व बेटी की एक समान ही होती है ऐसे में उनके शादीशुदा होने से कोई फर्क नहीं पड़ता है.

बता दें कि याचिका में यह भी कहा गया कि राज्य सरकार के सेवा नियमों के मुताबिक अगर किसी मृतक आश्रित के परिवार में सिर्फ बेटी ही नौकरी के लायक हो तो उसे नियुक्ति दी जाएगी. वहीं अभी तक निगम में कर्मचारी की मृत्यु पर आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने का प्रावधान था जिसमें पुत्र, दत्तक पुत्र, अविवाहित पुत्री, तलाकशुदा पुत्री, विधवा पुत्री या पत्नी शामिल हैं. इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति अविवाहित है तो आश्रित में व्यक्ति का भाई, माता या पिता शामिल होगा. हालांकि अब सरकार ने शादीशुदा बेटियों को भी नौकरी देने का प्रावधान किया है

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