छत्तीसगढ़प्रदेश

प्रगतिशील किसान Hiresingh Mandavi ने सोलर बिजली से मक्का एवं धान की फसल लेकर क्षेत्र के किसानों के लिए बना प्रेरणास्रोत

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कांकेर – जिले के संवेदनशील क्षेत्र कोयलीबेड़ा विकासखण्ड के ग्राम बड़गांव निवासी हिरेसिंह मण्डावी (Hiresingh Mandavi) ने कृषि और क्रेडा विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बन गये हैं। हिरेसिंह बताते हैं कि मेरे पास 4 एकड़ की कृषि भूमि था, जिसमें तीन वर्ष पूर्व मात्र 25 से 30 हजार रूपये की आमदनी प्राप्त होती थी। हिरेसिंह ने बड़गांव क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मानिक शाह सरकार से भेंट की, उन्होंने कृषि विभाग से संबंधित योजनाओं से रूबरू कराया। तत्पश्चात कृषक हिरेसिंह को कृषि विभाग से  बीज, खाद और क्रेडा से सोलर पंप पाईप सहित अनुदान पर मिला, जिससे मुझे कृषि कार्य करने में बेहद मदद मिली। तीन वर्ष से लगातार कृषि कार्य के साथ ग्रीष्म ऋतु में धान एवं मक्का की फसल लगाकर एक से डेढ़ लाख रूपये तक की आय प्राप्त हो रही है। कृषि और क्रेडा विभाग की योजना का लाभ लेने से मेरे जीवन में खुशहाली आई है, क्योंकि मेरे परिवार में 13 सदस्य हैं, उनको रोजगार की तलाश में भटकना पड़ता था, अब खेत में काम कर जीवन को खूबसूरत बनाने का मौका मिला है। उन्होंने बताया कि मेरी एक बेटी नीलम मण्डावी 12वीं उत्तीर्ण होने के बाद इलेक्ट्रीशियन में आईटीआई कर रही है, उनकी सालाना खर्च 40 से 50 हजार रूपये तक होता है, जिसकी पूर्ति कृषि से प्राप्त आय से करता हॅॅू।

कृषक हिरेसिंह मण्डावी को सबसे पहले क्रेडा विभाग से सोलर पंप लगाने वाले इस क्षेत्र के प्रथम किसान होने का गौरव हासिल हुआ है। उन्होंने बताया कि मुझसे प्रेरणा लेकर ग्राम मासूर में 13, बड़गांव में 12, मुरावण्डी में 05, छिन्दपाल में 15, कर्रेमरका में 02, बुधनदण्ड में 05, बड़े झाड़कट्टा में 03 इस प्रकार क्षेत्र में लगभग 100 से भी ज्यादा सोलर पंप लगाकर उन्नत कृषि करने के लिए किसानों में प्रतिस्पर्धा की होड़ सी लग गई है। कृषि विभाग के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी का हमेशा मार्गदर्शन और सहयोग के कारण इस खेत में 25 से 30 हजार रूपये के स्थान पर अब 01 से 1.50 लाख रूपये का आमदनी प्राप्त हो रही है, जिससे परिवार के सभी आवश्यक सामाग्री आसानी से खरीद पाता हॅॅू। उन्होंने बताया कि अपने जमीन में एक तालाब भी बनवाया हॅू, जिसमें मछली पालन करने की योजना है। धान की अच्छी पैदावार होने से 55 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर विक्रय करने से 01 लाख 06 हजार 700 रूपये खाता में हस्तांतरित हो गया है तथा मक्का से एक लाख रूपये और उड़द विक्रय से 7500 रूपये तक की आमदनी प्राप्त हो चुकी है। हिरेसिंह द्वारा ग्रीष्म में मक्का की फसल के साथ ड्रिप सिस्टम से सब्जी उत्पादन करने का प्रशिक्षण कृषि विभाग से लिया गया है, बीज प्राप्त होते  ही सब्जी की खेती करना प्रारंभ किया जाएगा।

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