छत्तीसगढ़

गणेशोत्सव आयोजन पर शांति समिति की बैठक हुई सम्पन्न, कोविड नियम का पालन करने के सुझाव

संवाददाता प्रदीप ठाकुर – कांकेर – गणेशोत्सव आयोजन के संबंध में शांति समिति की बैठक जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई, जिसमें अपर कलेक्टर सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य द्वारा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव एवं नियंत्रण के लिए दिशा निर्देशों का पालन करने का सुझाव दिये गये है, जिसके अनुसार गणेश के मूर्ति की ऊंचाई एवं चौड़ाई 44 फिट से अधिक न होना चाहिए। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार भी 1515 फिट से अधिक नहीं होना चाहिए और पंडाल के सामने कम से कम 3000 वर्ग फीट की खुली जगह होनी चाहिए। गणेश पंडाल एवं सामने 3000 वर्गफिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित नहीं होना चाहिए।

एक पंडाल से दूसरे पंडाल की दूरी 250 मीटर से कम न हो। मंडप एवं पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने के लिए पृथक से पंडाल नहीं होगी और दर्शकों एवं आयोजकों के बैठने हेतु कुर्सी भी नहीं लगाये जायेंगे। किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक नहीं होना चाहिए। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा एक रजिस्टर संधारित की जायेगी, जिसमें दर्शन हेतु आने वाले सभी व्यक्तियों का नाम, पता, मोबाईल नंबर दर्ज किया जायेगा ताकि उनमें से कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कांन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके।

मूर्ति दर्शन अथवा पूजा में शामिल होने वाला कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के नहीं जायेगा, ऐसा पाये जाने पर संबंधित व्यक्ति एवं समिति के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही किया जायेगा। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति द्वारा सैनेटाईजर थर्मल स्क्रिनिंग, आक्सीमीटर, हेंडवाश एवं क्यू मैनेजमेंट सिस्टम की व्यवस्था की जायेगी। थर्मल स्क्रिनिंग में बुखार पाये जाने अथवा कोरोना से संबंधित कोई भी सामान्य या विशेष लक्षण पाये जाने पर पंडाल में प्रवेश नहीं देने की जिम्मेदारी समिति की होगी। व्यक्ति अथवा समिति द्वारा फिजिकल डिस्टेंसिंग, आगमन एवं प्रस्थान की पृथक से व्यवस्था बांस बल्ली से बेरिकेटिंग कर कराया जायेगा। कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। यदि पूजा की अवधि के दौरान भी उपरोक्त क्षेत्र कंटेनमेंट क्षेत्र घोषित हो जाता है तो पूजा तत्काल समाप्त करनी होगी। मूर्ति स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात् किसी भी प्रकार के भोज, भंड़ारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति स्थापना के समय, स्थापना के दौरान, विसर्जन के समय अथवा विसर्जन के पश्चात किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे बजाने की पूर्व अनुमति संबंधित अनुभाग के सक्षम अधिकारी से लेना अनिवार्य होगा।


मूर्ति स्थापना एवं विसर्जन के दौरान प्रसाद, चरणामृत या कोई भी खाद्य एवं पेय पदार्थ वितरण की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए एक से अधिक वाहन की अनुमति भी नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए पिकअप, टाटाएस(छोटाहाथी) से बड़े वाहन का उपयोग प्रतिबंधित होगा। मूर्ति विसर्जन के वाहन में किसी भी प्रकार के अतिरिक्त साज-सज्जा, झांकी की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए 04 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे एवं वे मूर्ति के वाहन में ही बैठेंगे। पृथक से वाहन ले जाने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए प्रयुक्त वाहन पंडाल से लेकर विसर्जन स्थल तक रास्ते में कहीं रोकने की अनुमति नहीं होगी। विसर्जन के लिए नगर पालिका तथा नगर पंचायत द्वारा निर्धारित रूट मार्ग एवं तिथि तथा समय का पालन करना होगा। शहर के व्यस्त मार्गो से मूर्ति विसर्जन वाहन को ले जाने की अनुमति नहीं होगी, बल्कि जिला प्रशासन द्वारा निर्देशित मार्गों से ही अनुमति होगी। सूर्यास्त के पश्चात एवं सूर्योदय के पहले मूर्ति विसर्जन के किसी भी प्रक्रिया की अनुमति नहीं होगी। उपरोक्त शर्तो के साथ घरों में मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी, यदि घर से बाहर मूर्ति स्थापित किया जाता है, तो कम से कम 7 दिवस पूर्व नगरपालिका अथवा नगर पंचायत के संबंधित कार्यालय में निर्धारित शपथ पत्र मय आवेदन देना होगा एवं अनुमति प्राप्त होने के उपरांत ही मूर्ति स्थापित करने की अनुमति होगी। इन सभी शर्तो के अतिरिक्त भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आदेश दिनांक 04 जून 2020 के अंतर्गत जारी एसओपी का पालन अनिवार्य रूप से किया जाना होगा। कलेक्टर एवं जिलादण्डाधिकारी द्वारा जारी यह निर्देश जिले में प्रभावशील है तथा निर्देश के उल्लंघन करने पर एपीडेमिक डिसीज एक्ट एवं विधि अनुकुल नियमानुसार अन्य धाराओं के तहत कठोर कार्यवाही की जावेगी।


बैठक में अनमोल शर्मा, शिवम जायसवाल, धर्मेन्द्र रजक, जनक प्रसाद शर्मा, विनय साहू, बीडी मानिकपुरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गोरखनाथ बघेल, टीआई शरद दुबे, एसडीएम कांकेर डॉ कल्पना ध्रुव, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग एसएल मरकाम, एसआई राजेश ध्रुव, एसआई अंतागढ़ संजय कुमार यादव, जिला सेनानी नगर सेना के उप निरीक्षक केके. श्रीवास्तव, नगर पालिका के महेन्द्र श्याम कर्तिक सहित गणेश उत्सव समिति के सदस्य एवं गणमान्य नागरिक और पुलिस तथा प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थेे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button