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Nemawar Hatyakand: पीड़ित परिवार की न्याय यात्रा से तीन दिन पहले मप्र सरकार ने नेमावर हत्याकांड की जांच CBI को सौंपी

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भोपाल: Nemawar Hatyakand: मध्य प्रदेश में इसी साल जून महीने में हुए नेमावर हत्याकांड के मामले में अब शिवराज सरकार ने सीबीआई से जांच कराने की सिफारिश की है. इसी साल 29 जून को एक खेत की खुदाई के बाद पांच शव मिले थे. नेमावर के जिस खेत में पांच शव (1 महिला, 3 युवती और 1 युवक) मिले थे वो लोग 13 मई से ही लापता थे. पुलिस लगातार इन लोगों को ढूंढ रही थी जिसके बाद मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने खेत से इनका शव बरामद किया था. पांचों शव को खेत में बने 10 फीट गहरे गड्ढे से बरामद किया गया था

इस हत्याकांड के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई थी. तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने उस वक्त नेमावर पहुंचकर मृतकों के परिजनों से मुलाकात की थी. जिन लोगों की हत्या की गई थी वो सभी आदिवासी समुदाय के थे. इस हत्याकांड के बाद कांग्रेस की तरफ से मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये देने की घोषणा की गई थी. परिजनों से मिलने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस मामले में राज्य पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि आरोपी खुलेआम घूमते रहे ,उन्हें पकड़ा तक नहीं गया और ना ही उनसे पूछताछ की गई

तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी ताकि आरोपियों को मिले राजनीतिक संरक्षण का खुलासा हो सके. राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद अब बीजेपी ने भी इस मामले में केंद्र सरकार से सीबीआई जांच की सिफारिश की है

पुलिस ने क्या कहा था?

मध्य प्रदेश पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद इस हत्याकांड की वजह मृतका रुपाली के एक इंस्टाग्राम (Instagram) पोस्ट को बताया था. पुलिस की दलील थी कि रुपाली और प्रमुख आरोपी सुरेंद्र के बीच लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था. लेकिन जब सुरेंद्र की शादी किसी और लड़की से तय हो गई तो रुपाली उससे नाराज़ हो गई. उसने सुरेंद्र की मंगेतर की फोटो इंस्टाग्राम पर डाल दी जो इलाके में वायरल हो गई.

पुलिस के मुताबिक आरोपी सुरेन्द्र को यह पता चला तो वो गुस्से से भर गया और उसने रुपाली को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया और एक एक करके उसने रुपाली समेत उसके परिवार के पांच लोगों को मार डाला. देवास जिले के नेमावर में 5 लोगों की हत्या कर उन्हें जमीन में गाड़ने के आरोपियों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके मकान और दुकानों को तोड़ दिया था

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