मध्य प्रदेश

“Amrit Samagam” सम्मेलन के समापन सत्र को सुश्री ठाकुर ने किया संबोधित

मध्यप्रदेश की पर्यटन और संस्कृति मंत्री सुश्री उषा ठाकुर ने जालियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इन शहीदों जैसी देशभक्ति भारत के जन-जन में प्रतिस्थापित हो, यही अमृत महोत्सव Amrit Samagam का उद्देश्य है। इसकी पूर्ति के लिए सभी को तन-मन-धन से जुटकर अमृत महोत्सव को सार्थकता प्रदान करनी होगी। वे आज नई दिल्ली में आयोजित दो-दिवसीय ‘अमृत समागम’ Amrit Samagam सम्मेलन के समापन सत्र ‘मल्टी-स्टेट आइडिएशन’ को संबोधित कर रहीं थीं।

सत्र को संबोधित करते हुए मंत्री सुश्री ठाकुर ने जानकारी दी कि स्वतंत्र भारत का प्रथम शौर्य स्मारक भोपाल में निर्मित है जहां जल, थल और वायु सेनाओं का विवरण और चीन, पाकिस्तान और कारगिल युद्धों की प्रेरक जानकारी मिलती है। सुश्री ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की प्रेरणा से वर्ष 2006 से ‘वतन का राग’ रेडियो का संचालन हो रहा हैै जिसमें क्रांतिकारियों से संबंधित साप्ताहिक कार्यक्रमों का प्रसारण किया जाता है। वर्ष 2012 से आज़ाद हिन्द रेडियो एफएम  पर बलिदानियों के जन्मदिवस और पुण्यतिथि की जानकारी दी जा रही है।

आजादी का अमृत महोत्सव के तहत मध्य प्रदेश द्वारा  अब तक की प्रगति का ब्यौरा देते हुए मंत्री सुश्री ठाकुर ने बताया कि प्रदेश के 52 जिलों में 56 विभागों ने लगभग 2800 कार्यक्रम आयोजित किए हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भगवान बिरसा मुंडा जयंती, शूरवीर टंट्या मामा की क्रांति यात्रा और शंकरशाह – रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस के भव्य आयोजन किए गए हैं। कोरोना काल में भी ऑनलाइन प्रतियोगिताओं के माध्यम से लाखों छात्रों की अमृत महोत्सव में सहभागिता रही।

अमृत महोत्सव  की शेष अवधि के लिए प्रदेश की रणनीति के बारे में सुश्री ठाकुर ने बताया कि प्रत्येक जिले के क्रांतिकारियों पर विस्तृत अभिलेख 15 अगस्त, 2022 को प्रकाशित किए जाएंगे ।  डिजिटल तकनीक के माध्यम से सीहोर के सैनिक विद्रोह और  टुरिया के जनजाति विद्रोह जैसी प्रदेश की क्रांति प्रथाओं का दस्तावेजीकरण और प्रस्तुतीकरण किया जाएगा।   साथ ही आगामी 21 जून को प्रदेश के सभी 523 पुरातात्विक स्थलों पर योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

मंत्री सुश्री ठाकुर ने  सभी श्रोताओं को भोपाल के शौर्य स्मारक और भीमा नायक, टंट्या मामा और चंद्रशेखर आज़ाद के विराट स्मारकों के दर्शन का निमंत्रण भी दिया। सत्र में त्रिपुरा, गुजरात, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ राज्यों की भी प्रस्तुति हुई।

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