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शहीद कर्नल Viplav Tripathi का राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार, अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

रायगढ़: शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी, (Viplav Tripathi) पत्नी व पुत्र के साथ पंचतत्व में विलीन हो गए. सैन्य सम्मान के साथ शहर के बेटे को रायगढ़ के मुक्तिधाम अंतिम में विदाई दी गई. इससे पहले उनके पार्थिव शव को रामलीला मैदान में लोगों के आखिरी दर्शन के लिए रखा गया था. जहां उनकी आखिरी झलक पाने के लिए जिलेभर से लोग पहुंचे. नम आंखों से लोगों ने उन्हें आखिरी विदाई दी. इस दौरान लोगों ने शहीद विप्लव त्रिपाठी अमर रहे के नारे भी लगाए.

रायपुर से सुबह 1 बजे जिंदल एयरपोर्ट से शहीद कर्नल के घर तक रास्ते भर लोग उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करते नजर आए. सभी ने पुष्प गुच्छ व फूल-मालाओं से जगह-जगह शहीद कर्नल व उनके परिवार को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद कर्नल विप्लव त्रिपाठी उनकी पत्नी व पुत्र का पार्थिव शरीर उनके निवास स्थान लाया गया. जहां माता पिता ने अपने शहीद पुत्र को सैल्यूट किया. परिजनों व मित्रों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की. आम जनता के अंतिम दर्शन के लिए शहीद कर्नल की पार्थिव काया रामलीला मैदान में रखी गई. रामलीला मैदान में शहीद के अंतिम दर्शन के लिए जनसैलाब उमड़ पड़ा

निर्धारित समयानुसार रामलीला मैदान से शहीद की शवयात्रा मुक्तिधाम की ओर रवाना हुई. इसके साथ ही विप्लव त्रिपाठी अमर रहे के नारों से पूरा शहर गुंजायमान हो उठा. हिन्दू परम्परा के अनुसार महिलाएं अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट नहीं जाती, लेकिन आज इस परंपरा को तोड़ते हुए हज़ारों की संख्या में महिलाएं सर्किट हाउस मुक्तिधाम पहुंची. शहीद विप्लव त्रिपाठी व उनकी पत्नी व पुत्र के दाह संस्कार में शामिल हुईं. स्थानीय लोगों का कहना है कि रायगढ़ के बेटे ने देश के लिए बलिदान दिया है और इस दु:ख की घड़ी में पूरा रायगढ़ शहर त्रिपाठी परिवार के साथ है. इस मौके छत्तीसगढ़ सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

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