छत्तीसगढ़प्रदेश

साहित्यकार Harihara Vaishnav का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक

रायपुर. साहित्यकार और बस्तर की लोक कथाओं को बरसों की मेहनत से संग्रहित करने वाले हरिहर वैष्णव (Harihara Vaishnav) का 66 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने अपना पूरा जीवन बस्तर पर शोध करने में लगा दिया. बस्तर के साहित्य और संस्कृति पर लिखे उनके आलेख प्रमाणिक और अंतिम माने जाते हैं. छत्तीसगढ़ के बस्तर के लोक कथाएं, वाचिक परंपरा को उन कथाओं को हिंदी समेत दूसरी भाषाओं में अनुवाद करके उन्हें लोगों के बीच जिंदा रखने का श्रेय उन्हें ही जाता है. 

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने बस्तर के मूर्धन्य साहित्यकार श्री हरिहर वैष्णव के निधन पर शोक व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने कह कि हरिहर वैष्णव का जाना साहित्य जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है. स्व. श्री हरिहर वैष्णव जी ने बस्तर के लोक साहित्य की समृद्ध विरासत को सहेजने में अपना जीवन समर्पित कर दिया. मुख्यमंत्री ने ईश्वर से उनकी आत्मा की शान्ति और परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की 

श्री हरिहर वैष्णव बस्तर के लोक साहित्यकार थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन बस्तर पर शोध करने में लगा दिया. श्री वैष्णव की 24 किताबें  से ज्यादा प्रकाशित हो चुकी हैं. उन्होंने अपने साहित्य में  बस्तर की विशिष्ट प्रतिभाओं को जगह दिया है. बस्तर के साहित्य और संस्कृति पर लिखे उनके आलेख प्रमाणिक और अंतिम माने जाते हैं. उन्होंने जनजातियों में प्रचलित कहानियों, गीतों को लिपिबद्ध किया है.  हिंदी के साथ ही बस्तर की स्थानीय बोलियों, हल्बी, भतरी में भी उन्होंने साहित्य लिखने की शुरुआत की थी

हरिहर वैष्णव का जन्म 19 जनवरी 1955 को हुआ था. उनका अंदर बचपन से ही बस्तर के लोक साहित्य को लेकर दिलचस्पी थी. किशोरवस्था से ही बस्तर के लोकपरंपरा पर लिखना शुरू कर दिया था. साहित्य में दिलचस्पी होने के कारण हरिहर वैष्णव ने हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर की उपाधि हासिल किया था. हिंदी साहित्य में स्नातकोत्तर करने के बाद वन विभाग में नौकरी भी ज्वाइन कर ली थी. लेकिन वैष्णव का मन साहित्य में ही लगा रहा. वह लगातार बस्तर पर शोध करते रहे और उसे लिखते रहे. साहित्य के प्रति ऐसा जुनून का अंदाजा इस बात से लगया जा सकता है कि उन्होंने बस्तर पर शोध करने के लिए रिटायरमेंट से चार साल पहले ही वन विभाग में लेखाकार की सरकारी नौकरी छोड़ दिया था

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