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नगर निगमों में महापौर और सभापति के चुनाव की सरगर्मी तेज

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रायपुर । चार नगर निगमों में महापौर और सभापति के चुनाव की सरगर्मी तेज हो गई है। सोमवार को चरौदा नगर निगम का चुनाव होगा। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस निगम से निर्मल कोसरे का महापौर और ईश्वर साहू का सभापति बनना लगभग तय है। हालांकि क्रास वोटिंग से बचने के लिए कांग्रेस ने पार्षदों की कड़ी घेराबंदी कर रखी है क्योंकि भाजपा ने भी यहां के लिए अपने पर्यवेक्षक भी मैदान में उतार दिए हैं

हालांकि चुनाव के नतीजे आने के बाद से कांग्रस ने निर्दलीय पार्षदों की घेराबंदी करते हुए पहले उन्हें रायपुर के एक होटल में रखा गया। उसके बाद पुरी लेकर गए और वहां उनका पूरा अज्ञातवास बीता। इसके बाद रविवार देर शाम सभी पार्षद वापस रायपुर लौटे जहां उन्हें एक निजी होटल में ठहराया गया है। इन सभी पार्षदों को सोमवार को वोटिंग के लिए भिलाई रवाना किया गया। इसी तरह चार जनवरी को बीरगांव नगर निगम में चुनाव होगा जहां से महापौर के लिए नंदलाल देवांगन का नाम सबसे आगे है।

महापौर और सभापति का चुनाव एक ही दिन में

बीरगांव निगम के महापौर और सभापति का चुनाव कलेक्टर सौरभ कुमार कराएंगे। निगम दफ्तर के सभागार में सुबह 10.30 से 11.30 बजे तक नए पार्षदों को शपथ दिलाई जाएगी। 11.30 से 12 बजे तक महापौर के उम्मीदवार नामांकन जमा करेंगे। 15 मिनट में नामांकन पत्रों की जांच होगी। दोपहर 12.15 से 1 बजे तक 40 पार्षद मतदान करेंगे। मतदान के तुरंत बाद वोटों की गिनती कर नतीजा बता दिया जाएगा। महापौर का चुनाव के बाद सभापति चुना जाएगा।

दोपहर 2 से 2.30 बजे तक नामांकन जमा होंगे। नामांकनों की जांच के बाद 2.45 से 3.30 बजे तक मतदान होगा। आधे घंटे बाद 4 बजे तक सभापति के नाम की घोषणा होगी। बैकुंठपुर में हुई इस घटना के बाद से कांग्रेस सचेत हो गई है। अब उसकी नजर चरौदा नगर निगम तथा खैरागढ़ नगर पालिका में होने वाले चुनाव पर है। क्योंकि खैरागढ़ में जहां कांग्रेस और भाजपा के 10-10 पार्षद हैं तो चरौदा में निर्दलीयों के सहारे कांग्रेस अपना अध्यक्ष बनाने की तैयारी में है। लेकिन बैकुंठपुर जैसी कोई घटना न हो इसे देखते हुए सभी पार्षदों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है

छत्तीसगढ़ में त्रिस्तरीय पंचायत के आम और उप चुनाव को लेकर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। स्वतंत्र, निष्पक्ष और निर्भीक चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने 28 प्रेक्षकों की नियुक्ति गई है। जो निर्वाचन कार्य पर बारीकी से नजर रखेंगे। नवा रायपुर स्थित निर्वाचन भवन में शनिवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह ने सभी प्रेक्षकों की बैठक ली।

आयुक्त ने सभी प्रेक्षकों को तीन जनवरी को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में अनिवार्य रूप से उपस्थिति रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रेक्षक राज्य निर्वाचन आयोग के प्रतिनिधि के रूप में काम करते हैं। इसलिए प्रेक्षक के रूप में अपने कार्यों के बारे में सभी प्रेक्षक केवल राज्य निर्वाचन आयोग से निर्देश प्राप्त करेंगे। बैठक में आयुक्त ने कहा कि चुनाव बहुत संवेदनशील व महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसलिए हम सबको हमेशा अलर्ट मोड पर रहना जरूरी है।

इस दौरान उप सचिव डा. संतोष कुमार देवांगन ने प्रेक्षकों के दायित्वों के बारे में विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि प्रेक्षक यह भी देखेंगे कि जिलों में मतदान में गड़बड़ी, हिंसा या उपद्रव को कारगर ढंग से रोकने के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं या नहीं। बैठक में अवर सचिव आलोक श्रीवास्तव, प्रणय वर्मा, संयुक्त संचालक वित्त जेरोमी एक्का सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी भी मौजूद थे।

ओनो के माध्यम से नामांकन दाखिल : उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि इस बार भी जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य और सरपंच के लिए नाम निर्देशन पत्र ओनो साफ्टवेयर के माध्यम से आनलाइन दाखिल किए जा रहे हैं। केवल पंच पद के लिए इसमें छूट दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रेक्षक इस प्रक्रिया का भी अवलोकन करें।

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