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LIC में विदेशी निवेश की सीमा 20% तय कर सकती है सरकार

भारतीय जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation of India) को लेकर बड़ी खबर आ रही है. सरकार एलआईसी (LIC) में फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI) की सीमा तय कर सकती है. सरकार एलआईसी में विदेशी निवेश की सीमा 20 फीसदी फिक्स कर सकती है. सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में भी विदेशी निवेश की सीमा इतनी ही है. बता दें कि मौजूदा FDI पॉलिसी के मुताबिक बीमा क्षेत्र में 74 फीसदी विदेशी निवेश की अनुमति है. लेकिन भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) पर ये नियम लागू नहीं होते है. एलआईसी का अलग एलआईसी कानून है.

एलआईसी एक्ट के मुताबिक, कंपनी में सरकार के अलावा किसी की भी हिस्सेदारी 5 फीसदी से ज्यादा नहीं हो सकती. अगर इस सीमा में कोई बदलाव किया जाता है तो उसके लिए LIC एक्ट में बदलाव करना होगा

होगा देश का सबसे बड़ा आईपीओ

देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी इस साल के अंत तक अपना आईपीओ ला सकती है. माना जा रहा है कि एलआईसी का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा. अनुमान लगाया गया है कि यह 1 लाख करोड़ रुपए तक जा सकता है.

केंद्र सरकार ने एलआईसी के आईपीओ प्रबंधन करने के लिए 10 मर्चेंट बैंकों का चयन कर लिया है. चयनित 10 बैंकों में गोल्डमैन सैक्स, सिटीग्रुप, कोटक महिंद्रा और एसबीआई कैप्स (Goldman Sachs, Citigroup, Kotak Mahindra and SBI Caps) शामिल हैं. इनके अलावा जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल, नोमुरा, बोफा सिक्योरिटीज, जेपी मॉर्गन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज शामिल हैं.

पॉलिसी खरीदने वालों को मिलेगा ज्यादा फायदा

पॉलिसी खरीदने वालों को फायदा पहुंचाने के लिए सरकार ने नया प्लान बनाया है. LIC अपने आईपीओ में ग्राहकों के लिए अलग से कोटा तय कर सकती है. इश्यू साइज का 10 फीसदी हिस्सा पॉलिसीधारकों के लिए रिजर्व हो सकता है.मौजूदा वित्त वर्ष 2021-22 के अंत तक यानी 31 मार्च 2021 तक एलआईसी का आईपीओ आ सकता है. इसके अलावा डेलॉयट और एसबीआई कैप्स को प्री-आईपीओ ट्रांजैक्शन एडवाइजर्स के तौर पर नियुक्त कर दिया गया है.

IPO के बाद किसके पास होगा बीमा कारोबार

LIC की लिस्टिंग के बाद 60 फीसदी बीमा कारोबार लिस्टेड कंपनियों के पास आ जाएगा. यह क्षेत्र कुल अर्थव्यवस्था की तुलना में अधिक तेजी से आगे बढ़ रहा है. कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCA) ने जुलाई में एलआईसी (LIC) की लिस्टिंग को सैद्धान्तिक मंजूरी दी है

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