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फ़्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron पेगासस हैक रिपोर्ट्स के बीच अपना मोबाइल बदला, दिए जाच के आदेश

फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने अपने फोन को निशाना बनाए जाने की खबरों के मद्देनजर सुरक्षा प्रोटोकॉल में बदलाव के आदेश दिए हैं। उन्होंने पेगासस नामक इज़राइल निर्मित स्पाइवेयर से निशाना बनाए जाने के बाद अपना मोबाइल और नंबर बदल लिया है।

मोरक्को के टारगेट लिस्ट पर थे इमैनुएल मैक्रों?

फ़्रांसीसी अख़बार ले मोंडे ने बताया है कि मोरक्को द्वारा संभावित निगरानी के लिए इमैनुएल मैक्रों के साथ 14 और फ्रांसीसी मंत्रियों को निशाना बनाया गया था। लेकिन मोरक्को के अधिकारियों ने पेगासस के इस्तेमाल से इनकार किया है। कहा है कि फ़्रांस द्वारा लगाए गए आरोप निराधार और झूठे हैं। हालांकि यह साफ़ नहीं है कि स्पाइवेयर कभी फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के फोन पर इंस्टॉल किया गया था या नहीं। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक़ उनका नंबर 2016 से पेगासस को बनाने वाले एनएसओ ग्रुप के ग्राहकों द्वारा 50 हज़ार लोगों की टारगेट लिस्ट में था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक़ फ़्रांस सहित दुनिया के कई देशों के कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, अधिकारियों, नेता इस टारगेट लिस्ट में शामिल हैं। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि लिस्ट में से कितने फोन हैक किए गए। हंगरी, इज़राइल और अल्जीरिया के अधिकारियों ने पेगासस के इस्तेमाल की जांच शुरू कर दी है, ताकि पता लगाया जा सके कि कोई अपराध हुआ था या नहीं।

एनएसओ ग्रुप का गड़बड़ी से इनकार

एनएसओ ग्रुप ने मामले को लेकर किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया है। कहा है कि सॉफ्टवेयर अपराधियों और आतंकवादियों के खिलाफ इस्तेमाल के लिए है और इसे सिर्फ बेहतर मानवाधिकार रिकॉर्ड वाले देशों के सैन्य, कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों के लिए उपलब्ध कराया गया है। 

बता दें कि स्पाइवेयर मोबाइल डिवाइस को संक्रमित कर यूजर के मेसेज, फ़ोटो और ईमेल को एक्सेस कर सकते हैं। इसके जरिए कॉल को रिकॉर्ड किया जा सकता है और माइक्रोफोन और कैमरों को चुपके से सक्रिय किया जा सकता है।

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