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बाढ़ का कहर, 1200 गांवों की पांच लाख से ज्यादा आबादी हुई प्रभावित

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के 23 जिलों के 1200 गांवों की पांच लाख से अधिक आबादी बाढ़ ( flood) से प्रभावित है. इन जिलों में बचाव और राहत अभियान जारी है. राहत आयुक्त कार्यालय की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि, 23 जिलों के 1243 गांवों में 5,46,049 की आबादी बाढ़ से प्रभावित है. रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज, चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, बस्ती, गोंडा, सुल्तानपुर, श्रावस्ती, लखनऊ, रायबरेली और फतेहपुर सहित 11 जिलों में पिछले 24 घंटे में 25 मिमी या उससे अधिक बारिश हुई है.

सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बदायूं, प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है जबकि औरैया, जालौन, हमीरपुर, बांदा और प्रयागराज जिलों में यमुना नदी लाल निशान के करीब है

नदियां बह रही हैं खतरें के निशान से ऊपर

इसी तरह, बेतवा नदी हमीपुर में और शारदा नदी पलिया कलां (खीरी) में और चंद्रदीप घाट (गोंडा) में क्वानो नदी खतरे के निशान से ऊपर है. वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्य जारी है. बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच अब तक 20,768 राशन किट और 1,67,213 खाने के पैकेट बांटे जा चुके हैं. लोगों की मदद के लिए जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और राज्य पीएसी को तैनात किया गया है.

कई गांवों का टूटा संपर्क

बाढ़ से हालात इस कदर बिगड़ गए हैं कि पूर्वांचल इलाके में गंगा घाट पानी में पूरी तरह से डूब चुके हैं. गंगा किनारे बसे कई गांवों का संपर्क दूसरी जगहों से टूट गया है. काशी में गंगा जमकर तबाही मचा रही हैं. बाढ़ के कारण ऐसे बहुत से लोग है जो घरों में ही फंसे हुए हैं. कई लोगों को तो छतों पर शरण लेनी पड़ी है वाराणसी शहर का निचला हिस्सा जलमग्न हो चुका है.शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों का भी बुरा हाल है. रुक-रुककर हो रही बारिश की वजह से नदियां खतरे के निशान के ऊपर बह रही हैं. वहीं 13 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है

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