छत्तीसगढ़प्रदेश

कोल्ड मिक्स तकनीक से बनी प्रदेश की सबसे लम्बी सड़क को देखने जुटे प्रदेश भर के इंजीनियर्स

नगरी, नारद साहू: छत्तीसगढ़ ग्रामीण विकास अभिकरण के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनांतर्गत मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम सिंगपुर से पालवाड़ी (नगरी मुख्यमार्ग) तक 12.4 किलोमीटर लम्बी सड़क का अवलोकन करने आज विभाग के प्रदेश भर के इंजीनियर्स ने कोल्ड मिक्स तारकोल पद्धति से निर्मित सड़क का अवलोकन किया। उक्त तकनीकी से निर्मित यह प्रदेश की सबसे लम्बी सड़क है। इस अवसर पर सिहावा विधायक एवं मध्यक्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मी ध्रुव ने मुख्य अतिथि की आसंदी से संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में वन क्षेत्रों में भी तेजी से विकास हो रहा है। विभाग के अधिकारी इस बात विशेष तौर पर फोकस करें कि निर्माण गुणवत्तापूर्ण हो।

कोल्ड मिक्स तकनीक से बनी प्रदेश की सबसे लम्बी सड़क को देखने जुटे प्रदेश भर के इंजीनियर्स

ग्राम पंचायत सिंगपुर में आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव की 75वीं वर्षगांठ पर आयोजित मंचीय कार्यक्रम में सिहावा विधायक ने कहा कि सड़कों की गुणवत्ता ऐसी हो कि आम आदमी के चेहरे पर संतुष्टि के भाव झलके। उन्होंने इस नवाचार के लिए विभाग के अधिकारियों के प्रति आभार प्रकट करते हुए सड़क निर्माण के अन्य प्रस्तावों पर शीघ्रता से अमल करने की बात कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कलेक्टर श्री पी.एस. एल्मा ने मौजूद अधिकारियों को कोल्ड मिक्स तकनीक से बनी सड़क को बेहतर विकल्प बताते हुए अपने-अपने जिलों में इसी तरह क्रियान्वयन करने की सीख दी,

साथ ही गुणवत्तापूर्वक निर्माण पर उन्होंने जोर दिया। इसके पहले, रायपुर से आए अधीक्षण अभियंता श्री एस.एन. शुक्ला ने कोल्ड मिक्स तारकोल तकनीक के बारे में बताया कि डामर प्लांट में मटेरियल बनाते समय जहरीली गैसों का उत्सर्जन होता है, जिसे इस पद्धति से नियंत्रित किया जा सकता है, साथ ही जिन क्षेत्रों में अधिक वर्षा होती है, उनके लिए यह तकनीक वरदान साबित होगी, क्योंकि इस तकनीक से निर्मित सड़क की आयु हॉट मिक्स पद्धति से अपेक्षाकृत अधिक होती है, जिसके रखरखाव में जीरो मेंटेनेंस आता है।

कार्यपालन अभियंता श्री आर.के. गर्ग ने बताया कि उनकी परियोजना क्रियान्वयन इकाई में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क विकास योजना के अंतर्गत कुल 43 सड़कों का प्रस्ताव जिनकी लम्बाई लगभग 150 किलोमीटर है, का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि नगरी मुख्यमार्ग से सिंगपुर तक 8.40 करोड़ रूपए की लागत से 12.400 किलोमीटर लम्बी सड़क बनने से आठ गांव सिंगपुर, कमईपुर, भण्डारवाही, सोनझरी, धनोरा, राउतमुड़ा, पालवाड़ी और मुरूमडीह की लगभग छह हजार आबादी को इसका लाभ मिल रहा है।

इसके निर्माण से क्षेत्र की सम्पर्क-सुविधाओं में विस्तार हुआ है तथा यह सड़क प्रदेश भर के लिए मिसाल साबित हो रही है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता सर्वश्री अरविंद पाढ़ी, राजेश देवांगन, अधीक्षण अभियंता श्री संजय शर्मा, मुकेश संतोषी, के.आर. शास्त्री, अरूण जायसवाल, एस.के. सोनी सहित प्रदेश के सभी जिलों के कार्यपालन अभियंता उपस्थित थे। इससे पहले सभी अधिकारियों ने उक्त मार्ग का अवलोकन किया तथा इस नवीन तकनीक का अपने-अपने जिलों में क्रियान्वयन करने की बात कही।

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