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कक्षा 12 के छात्र ने Supreme Court का खटखटाया दरवाजा, कहा- Online Classes पैदा कर रही हैं मानसिक तनाव

नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में 12वीं कक्षा के एक छात्र ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख करते हुए केंद्र और राज्य सरकारों को स्कूलों को फिर से खोलने और ऑफलाइन शिक्षण (Offline Education) के संचालन के संबंध में जल्द से जल्द निर्णय लेने का निर्देश देने की मांग की है. याचिकाकर्ता अमर प्रेम प्रकाश ने कहा कि वह छात्र समुदाय और देश की बिरादरी के एक बड़े हिस्से, विशेष रूप से वंचित और आवाजहीन बच्चों की भावनाओं को उठा रहे हैं.

प्रेम प्रकाश स्कूलों को फिर से खोलने और पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ शारीरिक कक्षाओं (Offline Classes) को फिर से शुरू करने के मामले में केंद्र और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से अपनाये जा रहे ढीले रवैये से चिंतित हैं

अधिवक्ता ने दायर की गई याचिका में कहा है, ‘स्कूली बच्चों को शारीरिक रूप से अपने स्कूलों में भाग लेने से दूर रखने के मनोवैज्ञानिक और वास्तविक दोनों तरह के अभाव और दुष्प्रभावों के संबंध में यह बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा उठाना पड़ा. स्कूलों को फिर से खोलने के मामले में एक सोचा-समझा फैसला न केवल इस संबंध में अनिश्चितता और अटकलों को समाप्त करेगा, बल्कि देश में छात्र समुदाय की भावना (Emotions) को भी शांत करेगा

इस याचिका में नियमित स्कूल से वंचित होने और छात्र के शैक्षणिक संस्थान के अनुकूल और शैक्षणिक वातावरण में शिक्षण पर जोर दिया गया है, जो छात्र समुदाय के मानस पर एक अमिट छाप छोड़ रहा है. देश में वर्चुअल कक्षाएं और स्कूलों को फिर से ना खोलना ना केवल छात्रों के हितों के लिए हानिकारक साबित हो रहा है, बल्कि भेदभाव और अनुचित व्यवहार के समान है

बता दें कि एक लंबे समय से छात्र अपनी पढ़ाई को ऑनलाइन माध्यम से ही कर रहे हैं और कई राज्य अब चरणबद्ध तरीके से स्कूलों को खोलने के लिए प्रयास भी कर रहे हैं.

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