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छत्तीसगढ़
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मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि का अंतरण किया

कांकेर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने आज कांकेर में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को राशि का अंतरण किया। गोधन न्याय योजना देश-दुनिया की इकलौती ऐसी योजना है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य के गौठानों में 2 रूपए किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है।

गौठानों में 31 मई तक खरीदे गए गोबर के एवज में गोबर बेचने वाले ग्रामीणों को 140.71 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 5 जून को गोबर विक्रेताओं को 3.36 करोड़ रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 144.07 करोड़ रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 109.69 करोड़ रूपए राशि की भुगतान किया जा चुका है।

गौठानों में महिला समूहों द्वारा गोधन न्याय योजना के अंतर्गत क्रय गोबर से बड़े पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट प्लस एवं अन्य उत्पाद तैयार किया जा रहा है। महिला समूहों द्वारा 15 लाख 28 हजार क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 5 लाख 08 हजार क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट एवं 18 हजार 925 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट प्लस खाद का निर्माण किया जा चुका है, जिसे सोसायटियों के माध्यम से शासन के विभिन्न विभागों एवं किसानों को रियायती दर पर प्रदाय किया जा रहा है।

महिला समूह गोबर से खाद के अलावा गो-कास्ट, दीया, अगरबत्ती, मूर्तियां एवं अन्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय कर लाभ अर्जित कर रही हैं। गौठानों में महिला समूहों द्वारा इसके अलावा सब्जी एवं मशरूम का उत्पादन, मुर्गी, बकरी, मछली पालन एवं पशुपालन के साथ-साथ अन्य आय मूलक विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे महिला समूहों को अब तक 55 करोड़ 18 लाख रूपए की आय हो चुकी हैं।

राज्य में गौठानों से 12,013 महिला स्व सहायता समूह सीधे जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 82725 है। गौठानों में क्रय गोबर से विद्युत उत्पादन की शुरुआत की जा चुकी है। गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने के लिए एमओयू हो चुका है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप गौठानों को रूरल इण्डस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कृषि एवं वनोपज आधारित प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित की जा रही हैं।

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