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Chhorii Review: Nushrat Bharucha ने ‘छोरी’ में दमदार एक्टिंग के साथ दिया तगड़ा मैसेज

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नई दिल्ली: Chhorii Review: फिल्म छोरी, साक्षी (नुसरत भरूचा) की कहानी है, जो प्रेग्नेंट है और शहर में रहती है। साक्षी के पति हेमंत (सौरभ गोयल) ने बिजनेस के लिए कुछ लोगों से पैसे लिए थे, लेकिन लौटा नहीं पाया। ऐसे में घर में घुसकर वो हेमंत के साथ मारपीट करते हैं, जिसके बाद उनसे बचने के लिए वो अपनी प्रेग्नेंट पत्नी के साथ अपने ड्राइवर कजला (राजेश जैस) के गांव चले जाते हैं।

गांव में कजला की पत्नी भन्नो देवी (मीता वसिष्ट) भी मौजूद होती है। गांव पहुंचने के बाद शुरू होती है फिल्म की असली कहानी। साक्षी को अचानक से तीन बच्चे और एक ‘भूतिया बहू’ (यानिया भारद्वाज) दिखने लगती है। धीरे- धीरे कहानी आगे बढ़ती है और पता लगता है कि कजला- भन्नो के बेटे राजबीर की चार शादियां हो चुकी थीं, और हर बार उसकी पत्नी के प्रेग्नेंसी के 8वें महीने में बच्चे को ‘भूतिया बहू’ मार देती है।

वहीं धीरे- धीरे साक्षी के साथ भी ऐसा ही होने लगता है। ऐसे में क्या साक्षी अपने बच्चे को बचा पाती है? आखिर क्यों भूतिया बहू, उस घर की गर्भवती महिलाओं के बच्चे को मारती है? इन सवालों के साथ ही कहानी में कई और ट्विस्ट हैं, जो आपको फिल्म के अंत तक बांधे रखेगी

क्या कुछ है खास: करीब 2 घंटे की छोरी दर्शकों को डराने में कामयाब तो नहीं होती है, लेकिन जैसे- जैसे आप आगे बढ़ेंगे आपको ये बात समझ आएगी कि ये फिल्म आपको डराने नहीं बल्कि एक दमदार मैसेज देने के लिए बनाई गई है। फिल्म का पहला हाफ जहां कई सवालों में आपको उलझाता है तो वहीं फिल्म का दूसरा हिस्सा काफी स्ट्रॉन्ग है, जो धीरे- धीरे आपके सवालों के जवाब देता है। इसके साथ ही फिल्म का आखिरी ट्विस्ट हैरान कर देता है। 

कैसा है निर्देशन और एक्टिंग: फिल्म का निर्देशन विशाल फुरिया ने किया है, जो इससे पहले ‘क्रिमिनल जस्टिस’ में भी अपना दम दिखा चुके हैं। एक बार फिर विशाल ने बेहतरीन निर्देशन का हुनर दिखाया है। फिल्म में एक बात जो उसे अधिक खास बनाती है, वो ये कि फिल्म में विजुअल के साथ ही साथ ऑडियो इफैक्ट्स पर भी काफी ध्यान दिया है। वहीं बात एक्टर्स की करें तो लीड रोल में नुसरत भरूचा हैं और इस फिल्म में उनका अभी तक का सर्वश्रेष्ट अभिनय दर्शकों को देखने को मिलेगा। नुसरत ने जिस बारीकी से साक्षी के किरदार को निभाया है, वो सच में काबिल ए तारीफ है। नुसरत के अलावा राजेश जैस और मीता वसिष्ट ने भी बढ़िया काम किया है। वहीं सौरभ गोयल, पल्लवी अजय और यानिया भारद्वाज ने भी अपने किरदारों के साथ न्याय किया है। 

देखें या नहीं: ‘छोरी’ एक फैमिली फिल्म है। इस फिल्म को आप बेशक अपनी फैमिली के साथ देख सकते हैं। पूरी फिल्म आपको बांधे रखती है और आखिरी का मैसेज आपको सोचने पर मजबूर जरूर करता है। फिल्म के अंत में ‘ओ री चिरैया’ गाने को सुनते वक्त आप आपने आपको इस फिल्म के बारे में बात करने से नहीं रोक पाएंगे

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