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Chhattisgarh: गैस सिलेंडर में लगी आग बाल बाल बचा रेलवे कर्मचारी का परिवार

Chhattisgarh: DM Soni- बचेली :- कभी कभी छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना को निमंत्रण दे देती है,ये कहावत आज रेलवे विभाग में कार्यरत कर्मचारी संतु सिंघा के साथ सच हो गयी,दुर्घटना ऐसी की पूरा परिवार बाल बाल बचा।

दरअसल मामला रेलवे कॉलोनी बचेली का है जहां शाम को कालोनी में उस वक्त अफरातफरी मच गयी व लोग घरों से बाहर निकल गए जब पता चला कि टाइप 1 क्वाटर नम्बर 8 ए में एलपीजी सिलेंडर लीक होकर आग लग गयी है। खबर मिलते ही जांबाज फायर फाइटर्स मौके पर पहुंचे व आग पर काबू पाया। अब तक ये किसी को भी समझ नही आ रहा था कि अचानक सिलेंडर लीक कैसे हुआ।

सन्तु ने जानकारी में बताया कि कि उन्होंने 2 अप्रेल को स्थानीय गैस एजेंसी शांति कुंज एचपी गैस से घरेलू सिलेंडर लिया था। जिसके बाद उन्होंने उसे उसी हालत में घर पर रख दिया क्यो की उनके पास एक सिलेंडर पहले से था वो कुछ दिन चलने वाला था। सन्तु बताते है कि आज सुबह सिलेंडर खत्म हो जाने के बाद उस सील पैक सिलेंडर को उन्होंने इस्तेमाल किया जिसके बाद उन्हें शक हुआ कि सिलेंडर रेगुलेटर के पास से लीक है।

उन्होंने सिलेंडर निकाला व एजेंसी से फोन से सम्पर्क कर अपनी परेशानी बताई जिसके बाद एजेंसी से ग्राहक को गोदाम जाकर सिलेंडर दिखाने की बात कही गयी। सन्तु एजेंसी के गोदाम गए व सिलेंडर बदली करने की बात कही। अब एजेंसी के गोदाम में कार्यरत महिला कर्मचारियों ने सिलेंडर की ओरिंग ( वाल ) को बदलकर सन्तु को ये कहकर उसी सिलेंडर को वापस कर दिया की सिलेंडर बिल्कुल ठीक है हमने चेक किया है कोई खतरा नही है आप इस्तेमाल कर सकते है। सन्तु उसी सिलेंडर को लेकर घर आये व सिलेंडर फिट किया।

सन्तु के मुताबिक शाम को जब खाना बनाया जा रहा था तभी सिलेंडर लीक हुआ व आग की चपेट में आ गया। जिसके बाद सन्तु ने शोर मचाया शोर सुनकर उसके मित्र आये व दोनो ने मिलकर आग लगे सिलेंडर को चूल्हे सहित घर के बाहर फेंक दिया व आग बुझाने की कोशिश की जब हालात काबू नही हुए तो फायर बिग्रेड को फोन किया।

हालांकि फायर फाइटर्स ने आग पर काबू तो पा लिया ओर कोई बड़ा नुकसान नही हुआ लेकिन सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि एजेंसी में सिलेंडर लेकर जाने के बाद भी कर्मचारियों ने लापरवाही की जिसके चलते परिवार की जान आफत में आ गयी थी। अब ऐसे में इस प्रकार की लापरवाही बरतने वालो पर सम्बंधित विभाग किस प्रकार की कार्यवाही करता है यह देखने वाली बात है।

गोदाम में कार्यरत महिला कर्मचारी से जब इस बारे में बात की गई उन्होंने बताया कि ग्राहक द्वारा सिलेंडर लाया गया था उन्होंने सिलेंडर लीक होने की बात कही थी जिसके बाद सिलेंडर में ओरिंग ( वाल ) लगाकर चेक करके दिया गया था अब उसके बाद सिलेंडर लीक कैसे हुआ समझ के परे है।

इन सावधानियों को बरते :-

आमतौर पर गैस का कनेक्शन लेने के बाद संबंधित ऐजेंसी के लोग सावधानियों को लेकर ग्राहक को जानकारी देते हैं, इन्हें न सिर्फ कुकिंग की जिम्मेदारी संभालने वाले परिवार के सदस्य को बल्कि सभी को बहुत ध्यान से सुनना चाहिए। इससे पैनिक की स्थिति से बचा जा सकता है।

1 :- गैस की स्मेल आए तो सबसे पहले खुद को शांत रखें और पैनिक न हों।

2 :- गलती से भी किचन या घर में मौजूद इलेक्ट्रिक स्विच व अप्लायंसेस को ऑन न करें।

3 :- किचन व घर की खिड़कियां व दरवाजे खोल दें।

4 :- रेग्युलेटर को चैक करें यदि वह ऑन है तो उसे तुरंत बंद कर दें।

5 :- रेग्युलेटर बंद करने पर भी गैस लीक हो रही हो तो उसे निकालकर सेफ्टी कैप लगा दें।

6 :- नॉब को भी अच्छे से चैक करें।

7 :- गैस को बाहर निकालने के लिए फैन आदि न चलाएं।

8 :- घर में यदि कोई दीपक या अगरबत्ती जल रही हो तो उसे बुझा दें।

9 :- आग लग जाए तो
गैस लीक के कारण यदि सिलेंडर में आग लग जाए तो एक चादर या टॉवल को तुरंत पानी में भिगाएं और फिर उसे जल्दी से सिलेंडर पर लपेट दें। इससे आग तुरंत बुझ जाएगी और कोई बड़ा हादसा टाला जा सकेगा।

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