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Amit Jogi ने पुलिस महानिरीक्षक से की SIT द्वारा जांच करने की मांग

रायपुर: जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के अध्यक्ष श्री अमित जोगी (Amit Jogi) ने आज तेलीबांधा में जीएसटी विभाग के कर्मचारी स्वर्गीय गंगाप्रसाद मारकंडे के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की और तेलीबांधा जैतखाम में मौन रख संवेदना प्रकट की। अमित जोगी ने गंगाप्रसाद जी के परिजनों को आश्वस्त किया, कि अगर कांग्रेस सरकार ने पंद्रह दिनों के भीतर अपने अपराधी कांग्रेसी नेता और उसके परिजन को नहीं गिरफ़्तार किया,

तो बड़ी संख्या में सतनामी समाज के साथियों और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के कार्यकर्ताओं द्वारा एस.पी. ऑफ़िस का घेराव किया जायेगा और तेलीबांधा चौक में चक्का जाम किया जायेगा। वही अमित जोगी ने मनोज मेश्राम के हत्यारों को भी तत्काल गिरफ़्तार करने की माँग की है. अमित जोगी ने कहा मृतक द्वय मारकंडे और मेश्राम के परिजनो के साथ जनता कांग्रेस खड़ी है परिजनो को न्याय दिलाने के लिए सड़क से सदन तक लड़ाई लड़ेंगे और आवश्यता पड़ने पर न्यायालय का भी दरवाज़ा खटखटाएँगे.

गंगाप्रसाद मारकंडे की आत्महत्या को हत्या बताते हुए अमित जोगी ने सरकार और पुलिस प्रशासन को दोषी करार दिया। देवांगन जी ने कहा कि अगर समय पर पुलिस कार्यवाही करती तो गंगाप्रसाद जी आज हमारे बीच होते गंगाप्रसाद जी और उनके परिजनों ने कांग्रेसी नेता के विरुद्ध अनेकों बार पुलिस में शिकायत की लेकिन कांग्रेस सरकार के एक रसूखदार मंत्री और अन्य प्रभावशाली कांग्रेसी नेताओं के दबाव में पुलिस आँख मूंद कर पड़ी रही। पुलिस ने उल्टा गंगाप्रसाद जी और उनके परिजनों पर ही कार्यवाही कर मुंह बंद करने की धमकी दी। गंगाप्रसाद जी केवल अपना जर्जर हो रहा मकान को बनाना चाह रहे थे और कांग्रेसी नेता गुंडागर्दी कर उनकी जमीन को जबरदस्ती हथियाना चाहते थे। इसलिये गंगाप्रसाद जी और उनके परिवार वालों को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया, जातिसूचक गालियाँ दी गयी और जान से मारने की धमकी दी गयी जिसका ख़ुलासा ख़ुद मृतक गंगा प्रसाद ने अपने सोसाइड नोट में किया है।

अमित जोगी ने कहा कि साफ़ है कि कांग्रेस सरकार अल्पसंख्यक मोर्चा के अपने नेता को संरक्षण दे रही है और पुलिस प्रशासन पर कार्यवाही न करने का दबाव बनाये हुए है। यही कारण है कि गंगाप्रसाद मारकंडे की मौत को एक माह से ज्यादा हो गया लेकिन अपराधी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और खुले घूम रहे हैं। पुलिस ने अपराधियों पर इनाम घोषित कर केवल खानापूर्ति की है और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

जोगी ने कहा कि ये पहली घटना नहीं है, प्रदेश भर से सतनामी समाज के लोगों पर झूठे मामले दर्ज करना, मानसिक रूप से प्रताड़ित करना जैसे अनेक मामलों की शिकायतें लगातार बढ़ रही है। राज्य के मुखिया, प्रदेश के चारों ओर न्याय का ढिंढोरा पीटते घूम रहे हैं और राजधानी में सरकार की न्याय विहीन व्यवस्था ने फिर एक निर्दोष की जान ले ली और वो भी उन्हीं की पार्टी के नेता ने अपराधियों का अब तक न पकड़ा जाना, सतनामी समाज के साथ अन्याय और धोखा है।

श्री अमित जोगी ने दूरभाष पर रायपुर पुलिस महानिरीक्षक श्री ओम प्रकाश पाल से विस्तृत चर्चा करी। श्री अमित जोगी ने ओ.पी. पाल को जानकारी दी की फरवरी से लेकर अप्रैल माह तक लगातार तेलीबांधा पुलिस प्रभारी को मारकण्डे परिवार, स्थानीय पार्षद एवं समाज के लोगो के द्वारा लगातार अपराधियों के विरूद्ध लिखित में शिकायत देने के बावजूद उनके द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई, उल्टा तेलीबांधा पुलिस थाना में पदस्थ कुछ अधिकारियों द्वारा उनको अपनी शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया।

अमित जोगी ने कहा कि उपरोक्त शिकायत को संज्ञान में लेते हुए इस प्रकरण की जांच तेलीबांधा पुलिस की जगह पुलिस महानिरीक्षक द्वारा गठित एक निष्पक्ष एस.आई.टी. के द्वारा की जानी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सकें।

अमित जोगी जी के साथ उपस्थित ज़िला अध्यक्ष डॉ. ओम् प्रकाश देवांगन, मुख्य प्रवक्ता भगवानू नायक, युवा अध्यक्ष प्रदीप साहू, भगत हरबंश, मनोज बंजारे, निलेश चौहान, संदीप यदु, हरीश कोठारे, सुजीत डहरिया, नाथूँ बघेल, गोपल कुर्रे, प्रीति लाल महेश्वरी ,भारत प्रकाश कुर्रे और अन्य उपस्थित थे।

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