छत्तीसगढ़

कोदो-कुटकी, रागी प्रसंस्करण से स्व-सहायता समूह को 02 लाख 35 हजार रूपये की आमदनी

कांकेर – संवाददाता प्रदीप ठाकुर – जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में कम उपजाऊ उच्चहन एवं कंकरीली जमीन पर किसानों द्वारा कोदो-कुटकी, रागी की फसल ली जाती है, ऐसे जमीन में अन्य फसलों का उत्पादन अच्छे से नहीं हो पाता है। कोदो-कुटकी, रागी में पोषक तत्व प्रचूर मात्रा में पाये जाते हैं।

इन्हीं गुणों को ध्यान में रखते हुए इन फसलों के उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के सहयोग से कृषि विज्ञान केन्द्र कांकेर में लघु धान्य (कोदो-कुटकी, रागी) प्रसंस्करण इकाई की स्थापना किया गया है, जिसका लोकार्पण प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा 27 जनवरी 2021 को किया गया।


स्थापना के बाद से ही इस प्रसंस्करण इकाई में लगातार कोदो-कुटकी एवं रागी प्रसंस्करण किया जा रहा है, विगत 06 माह में प्रसंस्करण इकाई से 450 क्विंटल प्रसंस्कृत कोदो-कुटकी एवं रागी मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के अंतर्गत आंगनबाड़ियों को प्रदाय किया जा चुका है, जिससे इस कार्य में जुड़े हुए स्व सहायता समूह को 02 लाख 35 हजार 800 रूपये की आमदनी प्राप्त हुई है।


प्रसंस्करण इकाई के संचालन के लिए लघु धान्य फसलों का उत्पादन करने वाले 300 किसानों एवं महिलाओं का समूह बनाया गया है तथा समूह के माध्यम से कृषकों के उत्पाद को संग्रहण कर प्रसंस्करण इकाई में महिला समूह के माध्यम से प्रसंस्करण कर पैकेजिंग किया जा रहा है। इस उत्पाद को जिले के आंगनबाड़ियों के माध्यम से कुपोषित, रक्त अल्पतता से ग्रसित व गर्भवती महिलाओं तथा कुपोषित बच्चों को कोदो चांवल खिचड़ी के रूप में तथा रागी को हलवा के रूप में प्रदाय किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से महिलाओं एवं बच्चों को जहां पौष्टिक एवं गरम भोजन मिल रहा है, वहीं दूसरी ओर संग्रहण एवं प्रसंस्करण कार्य में संलग्न महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।

कोदो-कुटकी, रागी प्रसंस्करण से स्व-सहायता समूह को 02 लाख 35 हजार रूपये की आमदनी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button