छत्तीसगढ़राजनीति

समाज को गढ़ने वाले स्कूली बच्चों के पैर में नहीं है जूते-चप्पल, कैसे गढ़ेंगे नवा छत्तीसगढ़ ? – भगवानू नायक

रायपुर: जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के मुख्य प्रवक्ता अधिवक्ता भगवानू नायक ने कहा आजादी के 75 साल और छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के 22 वर्ष बाद भी आग बरसती गर्मी के महीने में धमतरी जिला के अंतर्गत ग्रामीण स्कूली बच्चों के नंगे पैर की तस्वीर सामने आना अत्यंत दुःखद और दुर्भाग्यपूर्ण है।

भगवानू नायक ने कहा कहा एक तरफ तो केंद्र सरकार द्वारा देश की आजादी के 75 वी वर्षगांठ के अवसर पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रही हैं वहीं छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ का नारा दिया हैं । जिसको आईना दिखाते हुए यह तस्वीर बयां करती है कि सरकारों के कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क है। यह दुख का विषय है कि आजदी 75 साक के बाद भी बच्चों के पैर में जूते चप्पल नहीं है।

विकास के नाम जनता के पैसे का करोड़ों अरबों रुपया बर्बाद कर दिया जाता है लेकिन समाज को गढ़ने वाले देश के भविष्य इन बच्चों का नंगे पैर तपती धूप में स्कूल जाना अत्यंत दुखद है। इसके लिए दोनों ही राष्ट्रीय राजनीतिक दल जिम्मेदार है जो देश मे राज की है और वर्तमान भी केंद्र और राज्य में सत्तासीन है, यदि सत्ता में बैठे लोगों की नीयत और नीति सही रहती तो शायद यह तस्वीर सामने नहीं आती।

भगवानू नायक ने छत्तीसगढ़ सरकार से अन्य राज्य तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तराखंड, उत्तरप्रदेश और पश्चिम बंगाल की तरह स्कूली बच्चों को गणवेश के साथ ही मुफ्त में जूते चप्पल देने की मांग की है। अन्यथा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के द्वारा जन आंदोलन किया जाएगा।

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