राष्ट्रीय

महिंद्रा हॉलिडेज के शोध ने खुलासा किया कि भारतीयों को उनके अपने ही देश के बारे में जानकारी का अभाव है

मुंबई: महिंद्रा हॉलीडेज द्वारा प्रकाशित नए शोध में भारतीयों का उनके अपने देश, इसकी विविधता, विशालता, संस्कृति, विरासत और व्यंजनों के बारे में जानकारी की आश्चर्यजनक कमी का पता चला।  ‘इंडिया कोशियंट[1]‘ अध्ययन के अनुसार, 60% उत्तरदाताओं ने स्वीकार किया कि वे भारतीय इतिहास, संस्कृति, भूगोल/स्थलों, प्रकृति, भोजन आदि के बारे में बहुत कुछ नहीं जानते हैं। यह शोध महिंद्रा हॉलीडेज की 25वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में और देश भर के स्थानीय यात्रियोंव पर्यटकों के पास उपलब्ध अनुभवों की गहराई को उजागर करने के लिए शुरू किया गया था। 

इंडिया कोशियंट, जो भारत के विभिन्न पहलुओं के बारे में जानकारी और जागरूकता को दर्शाता है, व्यंजनों के संबंध में सबसे कम प्रतीत होता है। एक तिहाई से भी कम उत्तरदाता (31%) इस बात से अवगतहैं कि भारत में कॉफी सबसे पहले कूर्ग में लाई गई थी।

हमारे शोध से भारतीय कला, संस्कृति और विरासत के प्रति लोगों की कम जागरूकता का भी पता चला। उदाहरण के लिए, आधे से अधिक(55%) उत्तरदाताओं को यह भी पता नहीं है कि ऐपण उत्तराखंड की महत्वपूर्ण लोक कला है, उत्तरदाताओं में से एक तिहाई  (39%) से अधिक यह नहीं जानते कि खजुराहो महोत्सव मध्य प्रदेश में मनाया जाता है, और लगभग एक तिहाई (32%) उत्तरदाताओं को यह नहीं पता कि महाराष्ट्र पैठानी साड़ी की खरीदारी करने के लिए सबसे अच्छी जगह है।

यही प्रवृत्ति हमारे देश के भौगोलिक ज्ञान के संदर्भ में भी भारतीयों में देखी गई है। उदाहरण के लिए, गिर दुनिया के लोकप्रिय एशियाई शेरों का एकमात्र प्राकृतिक निवास[2]स्थान है, और फिर भी, एक तिहाई से अधिक प्रतिक्रियादाताओं(39%) को इसकी जानकारी नहीं है। हर तीन उत्तरदाताओं में से एक (33%) इस बात से अनजान है कि उदयपुर को झीलों का शहर कहा जाता है और एक तिहाई से अधिक उत्तरदाता (35%) इस बात से अनभिज्ञ हैं कि चीन की महान दीवार के बाद दुनिया की दूसरी सबसे लंबी दीवार कुंभलगढ़ किले की दीवार राजस्थान में स्थित है।

महिंद्रा हॉलिडे एंड रिसॉर्ट्स इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी, कविंदर सिंह ने बताया,  “स्थानीय पर्यटक यात्राओं में तेजी से वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2000 से अब तक देश भर में [3]देखी गई।जैसे – जैसे लोग भारत का भ्रमण करते हैं, प्रतिष्ठित भारतीय स्मारकों को देखते हैं और विभिन्न राज्यों की अनूठी संस्कृतियों व व्यंजनों का अनुभव करते हैं, वे भारत के ऐसे अन्य पहलुओं के बारे में जानने के लिए अधिक उत्सुक हो जाते हैं जिनके बारे में उन्हें पता नहीं और वो अपना ‘इंडिया कोशियंट‘ बढ़ाने के लिए उत्साहित होते हैं। उदाहरण के लिए, दो – तिहाईउत्तरदाता (66%) परिवार के साथ यात्रा करते समय स्थानीय व्यंजन चाहते हैं, हालांकि, 41% उत्तरदाताओं को यह नहीं पता कि अप्पम केरल का स्थानीय व्यंजन है।”

“क्लब महिंद्रा पच्चीस वर्षों से भी अधिक समय से लिए परिवार के संग छुट्टियां बिताने का पसंदीदा विकल्प रहा है, और ‘वी कवर इंडिया, यू डिस्कवर इंडिया’ के हमारे अभियान के अनुरूप, हमारा उद्देश्य अपने मेहमानों को हमारे विविधतापूर्ण राष्ट्र की सभी छिपी धरोहरों का अनुभव करने में मदद करने के लिए पूरे भारत में रिसॉर्ट बढ़ाना और बेहतर अनुभव देते रहना है। हमारी प्रत्येक संपत्ति विभिन्न तरह की रोमांचक गतिविधियां प्रदान करती है, और हमें यकीन है कि वे हमारे मेहमानों को खुशियां देंगी और उन्हें वहां बिताये गये पलों को वास्तव में यादगार बनाने में मदद करेंगी।”

अध्ययन में परिवारों द्वारा छुट्टियां बिताने के क्रम में फैमिली डाइनेमिक्स के बारे में कुछ दिलचस्प अंतर्दृष्टि भी सामने आई:

· 27% उत्तरदाताओं का दावा है कि परिवार के साथ छुट्टी बिताने का प्रमुख कारण अपने परिवार के साथ रिश्ते को और अधिक प्रगाढ़ता प्रदान करना है

· हर पांच उत्तरदाताओं (21%) में से एक‘एडवेंचरर’ की भूमिका निभाते हुए अपनी साहसिकता और सहन क्षमता को आजमाते हैं

· 15% प्रतिक्रियादाता अपने परिवार के साथ यात्रा के दौरान ‘फूडी‘ की भूमिका निभाते हैं, वो दावा करते हैं कि वे स्थानीय व्यंजनों का स्वाद लेना और उनका अनुभव करना चाहते हैं और अपने परिवार को भी इसकी सलाह देते हैं

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