छत्तीसगढ़

फर्जी पत्र में पत्रकार के नाम का सहारा लेकर अधीक्षिका की शिकायत का मामला

मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर हो कड़ी कार्यवाही – श्रमजीवी पत्रकार संघ

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पत्रकारों की खबरों को दबाने की कोशिश या राजनीतिक षड्यंत्र ?

दंतेवाड़ा@ दंतेवाड़ा जिले में पत्रकारिता की जटिल चुनौतियों को हर मोर्चे पर झेलकर पत्रकार समाज के बीच आईने की तरह पत्रकारिता करते आये हैं। खबरों को लेकर लगातार राजीनीतिक दबाब, प्रशासनिक दबाव या फिर सीधे कहे नक्सलियों से मिलने वाले दबाव को झेलकर भी पत्रकारिता के मूल्यों को दंतेवाड़ा जिले के पत्रकारों ने बचाकर रखा है। सच का सामना करने का साहस नहीं जुटा पाने वाले लोग अब दंतेवाड़ा के निष्पक्ष पत्रकारों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने नए नए हथकंडे अपना रहे हैं। पत्रकारों को फंसाने और उनकी छबि धूमिल करने अब फर्जी पत्रों का सहारा लेने से भी षड्यंत्रकारी तत्व चूक नही रहे हैं। ताजा मामला दंतेवाड़ा के एक सरकारी संस्था से जुड़ी अधीक्षिका का है। किसी अज्ञात शिकायत कर्ता ने कंप्यूटर या किसी अन्य डिवाइस से टाइप किए हुए शिकायत पत्र में पत्रकार पंकज भदौरिया और एक अन्य व्यक्ति का नाम लिखकर उनके और उक्त महिला की छबि धूमिल करने का प्रयास किया है।

पंकज भदौरिया श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारी हैं। श्रमजीवी पत्रकार संघ दंतेवाड़ा के पदाधिकारियों को जब इस फर्जी शिकायत पत्र की जानकारी मिली तो उन्होंने घटना की वास्तविकता जानने तत्काल एक बैठक बुलाई। बचेली स्थित इंडियन कॉफी हाउस में संघ के जिलाध्यक्ष आजाद सक्सेना, महासचिव जितेंद्र चौधरी, संभागीय पदाधिकारी प्रदीप गौतम, संरक्षक वेद प्रकाश संगम और अभिषेक भदौरिया के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में कई महत्तपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दंतेवाड़ा एसपी और क्लेक्टर से मिलकर दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की मांग करते सम्बंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई जायेगी। वहीं इस पत्र को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म में किसने वायरल किया और यह पत्र एक राजनीतिक दल के जिलाध्यक्ष के पास कैसे पहुँचा बैठक में इसे लेकर भी मंथन हुआ। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि एसपी से मिलकर साइबर सेल की सहायता से संबंधित व्यक्ति का पता लगाने की मांग की जायेगी। साथ ही फर्जी पत्र और नेता के कनेक्शन का भी पता लगाने का प्रयास किया जायेगा। ताकि फर्जी शिकायत पत्र के नाम पर पत्रकारों की आवाज़ को दबाने वाले काले चेहरों को समाज के सामने नंगा किया जा सके। आज की बैठक में गीदम, दंतेवाड़ा, नकुलनार, किरन्दुल और बचेली के श्रमजीवी पत्रकार संघ के दर्जनों पत्रकार जमा हुए और सभी ने एक स्वर में इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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