छत्तीसगढ़

पत्रकार के नाम से की गई फर्जी शिकायत की श्रमजीवी संघ ने की जांच की मांग

कहा पत्रकारों की छवि धूमिल करने की जा रही फर्जी शिकायत

दंतेवाड़ा। दंतेवाड़ा में पत्रकारिता हमेशा से एक चुनौती पूर्ण कार्य रहा है। राजनीतिक, प्रशासनिक और नक्सल दबाव के बीच पत्रकारों को एक नई चुनौती का सामना करना पड़ा रहा है। दक्षिण बस्तर में अब पत्रकारों की आवाज दबाने उनके नाम से फर्जी शिकायतें की जाने लगी हैं। सच का सामना करने का साहस नहीं जुटा पाने वाले लोग अब दंतेवाड़ा के निष्पक्ष पत्रकारों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने नए नए हथकंडे अपना रहे हैं।

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ताजा मामला दंतेवाड़ा के एक सरकारी संस्था के संस्था प्रमुख को लेकर की गई फर्जी शिकायत का है। किसी अज्ञात व्यक्ति ने गृह मंत्री, कमिश्नर बस्तर और कलेक्टर दंतेवाड़ा के नाम एक शिकायत पत्र लिखा और शिकायतकर्ता के स्थान पर पत्रकार पंकज भदौरिया और एक अन्य व्यक्ति का नाम लिख दिया। पत्रकार के नाम से किए गए इस फर्जी शिकायत को श्रमजीवी पत्रकार संघ ने बड़ी गंभीरता से लिया। और संघ ने इस विषय को लेकर बुधवार को बचेली में एक आवश्यक बैठक रखी। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार गुरुवार को श्रमजीवी के पदाधिकारियों ने कलेक्टर और एसपी से मिलकर इस पत्र के निष्पक्ष जांच की मांग रखी। बता दें कि इस पत्र में एक संस्था प्रमुख पर बेबुनियाद आरोप लगाते उनके विरुद्ध जांच की मांग की गई है। और शिकायतकर्ता के स्थान पर पत्रकार पंकज भदौरिया का नाम लिख दिया है। पंकज जिले एक सम्मानित पत्रकार होने के साथ साथ श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारी भी हैं। मामले को गंभीरता से लेते श्रमजीवी पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर विनीत नंदनवार को इस घटनाक्रम से अवगत कराया और मामले की जांच कर दोषियों पर कारवाई की मांग की है। पत्रकारों की मांग पर कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि जल्द ही इस मामले की पुलिस से जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने भी इस कृत्य की निन्दा की और कहा कि एसपी से बात कर विशेष टीम गठित कर मामले की जांच कराई जायेगी। वहीं संघ के पदाधिकारियों ने एसपी सिद्धार्थ तिवारी से भी मुलाकात कर उन्हें आवेदन सौंपा।

मैंने नहीं की कोई शिकायत- इस मामले में पंकज भदौरिया ने अपना पक्ष रखते कहा कि उन्होंने किसी शासकीय कर्मचारी या अधिकारी के विरुद्ध किसी से कोई शिकायत नहीं की है। शिकायत पत्र में किए गए हस्ताक्षर मेरे नहीं हैं और न ही मैंने किसी के विरुद्ध शिकायत कर जांच की जांच कि मांग की है। बल्कि इस फर्जी पत्र की जानकारी मिलते ही मैंने रविवार को ही दंतेवाड़ा एसपी को आवेदन देकर जांच की मांग की थी। और कहा कि जिनके विरुद्ध शिकायत की बात की जा रही है उनसे मिलना तो दूर आज तक किसी विषय पर बात तक नहीं की। ऐसे में शिकायत का प्रश्न ही नहीं उठता। दक्षिण बस्तर में पत्रकारों को परेशान करने अब तरह तरह के हथकंडे अपनाए जा रहे हैं जो की दुर्भाग्यपूर्ण है।

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